मौसम बदलते ही क्यों फूलने लगती है सांस? जानिए वजह, किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क

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Lifestyle Desk – मौसम में बदलाव का असर सिर्फ त्वचा या सर्दी-जुकाम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव हमारी श्वसन प्रणाली (रेस्पिरेटरी सिस्टम) पर भी पड़ता है. गर्मी से बारिश या बारिश से ठंड के मौसम में प्रवेश करते समय तापमान, नमी और हवा की गुणवत्ता में अचानक बदलाव होता है. ऐसे में कई लोगों को सांस फूलने, सीने में जकड़न, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. खासतौर पर जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी बीमारी है, उनके लिए यह समय अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है. आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से.

मौसम बदलने पर क्यों फूलती है सांस?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब ठंडी या बहुत शुष्क (ड्राई) हवा अचानक फेफड़ों तक पहुंचती है, तो श्वसन नलियां हल्की सिकुड़ सकती हैं. इस वजह से फेफड़ों तक हवा का प्रवाह प्रभावित होता है और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है. इसके अलावा मौसम बदलने के दौरान हवा में धूल, परागकण (पोलन), फफूंद (मोल्ड) और प्रदूषण के कण भी बढ़ सकते हैं, जो एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देते हैं. बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से फफूंद और धूल के कण तेजी से फैलते हैं, जबकि सर्दियों में ठंडी हवा और प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सांस की तकलीफ बढ़ सकती है.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

मौसम में बदलाव के दौरान कुछ लोगों में सांस फूलने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है. इनमें शामिल हैं.

Dhara Tal
Author: Dhara Tal

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